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अखिलेश सरकार प्रोजेक्ट के ज़रिये अरबों रूपए की लूट है।

Mon, Sep 26th, 2016

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार की नई गंगोत्री, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट 'एक्सप्रेस-वे' से बहती दिख रही है. आगरा से लखनऊ तक जाने वाली इस सड़क की कीमत किसी गलीचे से भी ज्यादा है.

अखिलेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के ज़रिये अरबों रूपए की लूट की है। ये सड़क यूपी में गले तक पहुंचे भ्रष्टाचार का नया सबूत है। इस घपले के सूत्रधार अखिलेश के खासम ख़ास कई अधिकारी है।
यूपी सरकार के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल के ट्वीट के मुताबिक 302 किलोमीटर लम्बी इस 6 लेन एक्सप्रेसवे की लागत 9056 करोड़ रूपए है। यानी प्रति किलोमीटर एक्सप्रेसवे की लागत 30 करोड़ रूपए है।
लेकिन केंद्र सरकार के एस्टीमेट से तुलना की जाए तो यूपी की सड़क बहुत महंगी है।
केंद्र सरकार की नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) की 6 लेन सड़क की लागत 18 करोड़ प्रति किलोमीटर है।
इसी तरह 4 लेन सड़क की लागत 13 -14 करोड़ प्रति किलोमीटर है और अगर यूपी सरकार की जमीन अधिकरण करने की कीमत जोड़ दी जाए तो प्रति किलोमीटर एक्सप्रेस-वे की लागत 60 -70 करोड़ रूपए की आसपास आएगी. इतनी महेंगी सड़क दुनिया में कहीं नही बनी होगी.
अगर एक किलोमीटर सड़क पर सोने की प्लेटिंग की जाय तो कितनी कीमत आएगी। लोकदल की टीम इसका हिसाब लगाने में जुटी है। हमे लगता है कि सोने की परत वाली सड़क, अखिलेश सरकार की सड़क से सस्ती होगी।

लोकदल की मांग, अखिलेश सरकार के इस प्रोजेक्ट की हो जाँच।।
जय सुनील जय लोकदल