लोकदल घोषणापत्र

  • पेट्रोल का मूल्य 25 रुपये तथा डीजल का 16 रुपये प्रतिलीटर कर दिया जायेगा।
  • सिटिज़न चार्टर का पूर्णरूपेण क्रियान्वयन किया जायेगा जिसके अंतर्गत सभी सरकारी कामों की समयसीमा तय की जाएगी। तय समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में सम्बंधित अधिकारी पर अर्थदंड लगाया जायेगा।
  • एससी -एसटी एक्ट को ख़त्म कर दिया जायेगा।
  • आरक्षण पद्धति पर पुनर्विचार किया जायेगा।
  • सभी प्रकार के करों को समाप्त कर मात्र बैंकिंग लेनदेन पर कर निर्धारित किया जायेगा जो मात्र 0.01 प्रतिशत प्रति लेनदेन पर होगा।
  • सभी प्रकार के कर विभागों को बंद कर दिया जायेगा तथा उनके कर्मचारियों को ग्रामीण अंचल में सेवाकार्य हेतु लगाया जाएगा ताकि उनकी नौकरी सुरक्षित रह सके।
  • वर्तमान के काले व सफ़ेद धन की अवधारणा को समाप्त कर दिया जायेगा, और देश के नागरिकों के धन को बैंको में जमा कराया जायेगा। जिससे उस धन को राष्ट्रीय कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में लगाया जाएगा।
  • ग्रामीण एवं कुटीर उद्योगों का संवर्धन किया जायेगा तथा उससे उत्पादित वस्तुओं का प्रचार-प्रसार स्वयं राज्य सरकारें करेंगी। इस प्रकार अपने ग्राम में रोजगार की उपलब्धता के कारन युवाओं का शहर की ओर पलायन रुकेगा।
  • ग्रामीण एवं कुटीर उद्योगों के संवर्धन हेतु सरकार चीन की तर्ज़ पर हर संभव प्रयास करेगी तथा स्वयं प्रचार-प्रसार एवं खरीद-फरोख्त कर सकेगी।
  • आवश्यक तथा रोजमर्रा के प्रयोग में आने वाले वस्तुओं पर अधिकतम मुनाफ़े को 20 प्रतिशत तक निर्धारित कर दिया जाएगा जिससे महँगाई पर नियंत्रण लग जायेगा।
  • ग्राम पंचायत तथा निकाय स्तर पर ही अधिकतम शक्तियाँ प्रदान कर दी जाएगी ताकि उन्हीं के स्तर पर जरुरी योजनाएं बनें तथा पूर्णतया क्रियान्वयन हो।
  • चिकित्सा उपकरणों एवं जीवनरक्षक तथा अन्य दवाओं पर अधिकतम मूल्य तथा मुनाफ़े को निर्धारित कर दिया जायेगा जोकि न्यूनतम हो।
  • वर्तमान शिक्षा पद्धति में आवश्यक बदलाव कर उसे प्रयोगात्मक तथा रोजगारपरक बनाया जायेगा।
  • न्यायपालिका का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा तथा उसे तय समयसीमा के अंदर निपटारे का प्रावधान बनाया जायेगा।
  • न्यायपालिका तथा अन्य सरकारी विभागों में हिंदी भाषा का प्रयोग अनिवार्य किया जायेगा।